
रायगढ़ में 37 लाख की साइबर ठगी का खुलासा: ‘डिजिटल अरेस्ट’ गैंग का भंडाफोड़, 5 अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़, 24 अप्रैल 2026: रायगढ़ साइबर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर की गई बड़ी साइबर ठगी का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के भीलवाड़ा से महिला समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक सेवानिवृत्त अधिकारी से करीब 36.97 लाख रुपये की ठगी की थी।
फर्जी अधिकारी बनकर रचते थे ठगी का जाल
आरोपी खुद को टेलीकॉम अधिकारी, पुलिस और सीबीआई अधिकारी बताकर लोगों को मनी लॉन्ड्रिंग और गिरफ्तारी का डर दिखाते थे। इसके बाद डिजिटल अरेस्ट के नाम पर रकम ट्रांसफर करवा लेते थे।
रिटायर्ड अधिकारी को बनाया शिकार
पीड़ित नरेन्द्र ठाकुर (सेवानिवृत्त विद्युत विभाग पर्यवेक्षक) को फोन और वीडियो कॉल के माध्यम से डराकर 30 जनवरी से 11 फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 36,97,117 रुपये ट्रांसफर कराए गए।
तकनीकी जांच से खुला नेटवर्क
साइबर पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए भीलवाड़ा (राजस्थान) में आरोपियों का सुराग लगाया। इसके बाद विशेष टीम ने दबिश देकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरोह का मास्टरमाइंड बैंक कर्मचारी
गिरफ्तार आरोपियों में राहुल व्यास (बंधन बैंक कर्मचारी) मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। गिरोह में वेब डेवलपर सहित कई तकनीकी रूप से दक्ष लोग शामिल थे, जो संगठित तरीके से साइबर ठगी को अंजाम देते थे।
देशभर में 1.40 करोड़ से अधिक की ठगी
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी कर चुका है। आरोपियों के खातों में बड़ी रकम के ट्रांजैक्शन मिले हैं, जिन्हें सीज किया गया है।

मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खाते जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और कई संदिग्ध बैंक खातों की जानकारी जुटाई है। सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर रायगढ़ लाया गया है।
एसएसपी का अलर्ट: डिजिटल अरेस्ट से रहें सावधान
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी फर्जी कॉल से घबराएं नहीं। कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर पैसे ट्रांसफर नहीं कराती। ऐसे मामलों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।


